रजनीकांत और मोदी की मुलाकात हो जाती है..!

रजनीकांत :मेरे गाँव में लाइट नहीं थी..!मैं अगरबत्ती जलाकर उसकी रौशनी में पढ़ता था ।
😀😀

मोदी : हमारे गाँव में भी बिजली नहीं थी और
हमारे पास अगरबत्ती के पैसे भी नहीं थे..!फिर भी मैं पढ़ा । 😉

रजनीकांत : कैसे..?

मोदी :मेरा एक दोस्त था प्रकाश..उसे पास बिठा कर पढता था । 😳

एक दिन प्रकाश भीग गया वो नहीं आया,फिर भी मैं पढ़ा ।

रजनीकांत : कैसे..?

मोदी :गाँव में ज्योति नाम की लड़की भी तो थी । उसके पास बैठ कर ।

रजनीकांत बेहोश..

फेंकने में पहली बार कोई रजनीकांत पर भारी पड़ा है..!
 😀😄😆😉😀😆😂🤓😊  ✍✍

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